तीन विशेष संयोग के साथ मनेगी शनि जयंती, साेमवती अमावस्या व अखंड सुहाग के लिए करेंगी वट पूजन - www.dharmapravah.com | www.dharmapravah.com
Thursday, 22/8/2019 | 7:54 UTC+0
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तीन विशेष संयोग के साथ मनेगी शनि जयंती, साेमवती अमावस्या व अखंड सुहाग के लिए करेंगी वट पूजन

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जयपुर। इस बार दशकों बाद वट सावित्री व्रत यानि वट अमावस्याए शनि जयंती व सोमवती अमावस्या तीनों एक साथ आने से विशेष संयोग बन रहे हैं। इस दिन अमावस्या सोमवार के दिन रोहिणी नक्षत्र तथा वृषभ राशि के चंद्रमा की उपस्थिति में आ रही है। पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार सोमवार के दिन अमावस्या आने से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। इस दिन सुबह से ही सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है, जो संपूर्ण दिन रात रहेगा। इसी दिन अमृतसिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। अमावस्या अपराह्न 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दिन शनिदेव की आराधना करने से  शनिदेव प्रसन्न होंगे और भक्तों के रोग व कष्ट दूर करेंगे। इस दिन किया गया दानकृध्यान तप स्नान विशेष फल देने वाला होगा। अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं करेंगी कामनाशहर में लोग एक ओर जहां भगवान शनि की आराधना में लीन नजर आएंगेए वहीं महिलाएं दोपहर में अखंड सौभाग्यए सुखकृसमृद्धि और परिवार की उन्नति के लिए बरगद पेड़ की पूजा करेंगी। सुहागिन महिलाएं सोलह शृंगार कर सिंदूरए रोड़ीए फूलए अक्षतए चनाए फल और मिठाई से सावित्रीए सत्यवानए यमराज की पूजा करेंगी और बरगद के पेड़ के नीचे कथा सुनेंगी। पूजा के बाद वट ;बरगदद्ध की जड़ को दूध और जल से सींचेंगी। इसके बाद कच्चे सूत को हल्दी में रंगकर वट वृक्ष में रक्षा सूत्र बांधते हुए परिक्रमा करेंगी। जिन कन्याओं की शादी में रुकावट हैए वे वट सावित्री व्रत के दिन बरगद के पेड़ में कच्चा दूध चढ़ाने और गीली मिट्टी से माथे पर टीका लगाने से बाधा दूर होती है।  शनिदेव की सजगी झांकियां छोटी काशी के सूर्यपुत्र शनि देव की जयंती सोमवार को श्रद्धा व भक्तिभाव के साथ मनाई जाएगी। न्याय के देवता शनिदेव की कृपा पाने के लिए भक्त तरह तरह के जतन करेंगे। इस मौके पर शनि मंदिरों में तेलाभिषेकए दुग्धाभिषेक होंगे। भक्तगण सुबह पवित्र नदियों व सरोवरों पर स्नान करेंगे। मंदिरों में बैठ कर शनि की साढ़े साती और ढैयाए महादशाए अंतरदशाए प्रात्यंतर दशा के प्रभाव को कम करने के लिए शनिदेव का तेलाभिषेक करने के साथ शनि चालीसाए शनि वज्र पिंजर कवचए शनि महाकाल कवच आदि का पाठ करेंगे। हल्दिया पार्क जनता स्टोर स्थित सिद्धपीठ शनि धाम मंदिर में सुबह 5 बजे पंचाामृत स्नान होगा।  मंंदिर के महंत नारायण लाल ज्योतिषी ने बताया कि इसके बाद सुबह 8 बजे  तेल से महातेलाभिषेक किया जाएगा। मनोरम शृंगार कर झांकी सजाई जाएगी। शाम को भजन संध्या के बाद आरती होगी। जवाहर सर्किलए गेटोर मोड़ स्थित साई शनिधाम में सुबह से शाम तक अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शनिदेव की कृपा पाने के लिए सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक महातेलाभिषेक का आयोजन किया जाएगा। मंदिर के महंत बृजमोहन शर्मा ने बताया सुबह 8.30 से 9 बजे तक पंचामृत स्नान दोपहर 1 बजे शृंगारएशाम 5 बजे फूलबंगला झांकी और शाम.7रू15 बजे महा आरती होगी। सवाई मान सिंह अस्पताल स्थित शनि मंदिरए स्टेशन रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिरए चांदपोल स्थित शनि मंदिरए सहित सभी मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे।

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