भागवत श्रवण में रस ही रस -शास्त्री | www.dharmapravah.com
Wednesday, 12/12/2018 | 9:40 UTC+0
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श्रीगोवर्धननाथ जी मंदिर में श्रीमदभागवत अष्टोत्तर शत सप्ताह

जयपुर ।  श्रीवल्लभ पुष्टिमार्गीय मंदिर प्रंबंध समिति के तत्वावधान में मोहनबाडी गलता गेट स्थित श्रीगोवर्धननाथ जी के मंदिर में आयोजित श्रीमदभागवत अष्टोत्तर शत सप्ताह के तहत मंगलवार को बड़ोदरा से  गिरिराज शास्त्री ने कहा कि व्यासजी ने  श्रीमदभागवत का निष्कपट वर्णन किया है,जो व्यक्ति निष्कपट व सच्चे मन से भागवत का श्रवण करता है,वही अपने जीवन में प्रभु की कृपा करो प्र्राप्त करता है। साथ ही उसी व्यक्ति को भागवत जी का श्रवण करने का अधिकार है। श्रीमद् भागवत का संकल्प लेने मात्र से अनिरूद्ध के पितामह श्रीकृष्ण भक्त के हृदय में आकर के अवरूद्ध हो जाते है।  भागवत को वेदरूपी वृक्ष का पका हुआ फल बताया और अन्य फलों की अपेक्षा इस भागवतरूपी फल में गुटली व छिलका ना होकर केवल रस ही रस भरा है। इसीलिए इस कथा को हमें जीवन पर्यन्त श्रवण करना चाहिए। प्रसंग के दौरान महाराजश्री ने भजनों व संकीर्तन के माध्यम से खूब भक्ति रस बरसाया। इस मौके पर 111 आसनो पर पर विद्धानों ने लोक विग्रह मुक्तस्य नारदस्यास्थिरस्य च…भक्तिज्ञानरिागाप्तो विवेको वर्धते महान….जैसे गूंज रहे पाठों ने वातावरण को भक्तिमयस बना दिया। इसी दिन साम को विशेष झांकी सजाई गई जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण को केन्द्र रहीं ।महाराज श्री के श्रीमद भागवत पर प्रवचन 23 मई तक रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक व साम को 4 बजे से 7 बजे तक होगे।

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